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गर्मी का मौसम आते ही घर-घर में फ्रिज में रखी प्लास्टिक की बोतलें दिखने लगती हैं। ठंडे पानी की तलब में हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं कि इस आदत का हमारे शरीर और सेहत पर क्या असर हो सकता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि प्लास्टिक की बजाय पानी को तांबे के बर्तन में स्टोर किया जाए? तांबे का बर्तन यानी कॉपर वेसेल, सिर्फ एक पारंपरिक विकल्प नहीं है बल्कि एक वैज्ञानिक रूप से सिद्ध और स्वास्थ्यवर्धक तरीका भी है।

तांबे के बर्तन में रखा पानी क्यों है खास?

तांबे से बने बर्तन में रखा पानी प्राकृतिक रूप से एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। जब आप नियमित रूप से इस पानी को पीते हैं, तो यह शरीर के भीतर कई सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करता है।

1. पाचन तंत्र के लिए वरदान

तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है। इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने में मदद करते हैं, जो आमतौर पर पेट की समस्याओं की जड़ होते हैं। इसके सेवन से एसिडिटी, गैस, अपच और कब्ज जैसी परेशानियों में राहत मिल सकती है।

साथ ही, यह पानी आंतों की क्रियाशीलता को बेहतर बनाता है और पाचन एंजाइम्स के सही उत्पादन में सहायक होता है। यह एक प्रकार से शरीर को भीतर से डिटॉक्स करने का काम करता है, जिससे आपको हल्का और ऊर्जावान महसूस होता है।

2. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद

कॉपर वाटर कोलाजेन के उत्पादन को बढ़ाता है, जो स्किन की लोच और चमक बनाए रखने में मदद करता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से त्वचा से झुर्रियां कम हो सकती हैं, और रंगत में भी निखार आता है।

इसके अलावा, यह मेलानिन के स्तर को भी संतुलित करता है, जो बालों के प्राकृतिक रंग को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समय से पहले बालों का सफेद होना या झड़ना जैसी समस्याओं से भी राहत मिल सकती है।

3. आंखों की रोशनी के लिए लाभकारी

तांबे का पानी पीने से आंखों की सेहत में भी सुधार देखा गया है। मेलानिन का संतुलित स्तर न सिर्फ बालों के लिए, बल्कि आंखों की रोशनी बनाए रखने के लिए भी जरूरी होता है। यह आंखों को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने में मदद करता है और रेटिना को मजबूत बनाता है।

अगर आप डिजिटल डिवाइसेज का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं या लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहते हैं, तो तांबे का पानी आपकी आंखों की सुरक्षा में मददगार साबित हो सकता है।

4. कैंसर से बचाव में सहायक

तांबा एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो फ्री रेडिकल्स से लड़ने में सक्षम होता है। फ्री रेडिकल्स शरीर में कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

कॉपर वाटर इन हानिकारक तत्वों को निष्क्रिय करने का काम करता है और शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है, जिससे कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। हालांकि यह कोई इलाज नहीं है, लेकिन एक मजबूत रक्षात्मक उपाय जरूर हो सकता है।

5. तांबे के बर्तन में पानी स्टोर करने का सही तरीका

तांबे के बर्तन से लाभ तभी मिलेगा जब आप उसका सही तरीके से इस्तेमाल करें। वरना इसके लाभ सीमित रह सकते हैं या फिर उल्टा असर भी हो सकता है।

साफ-सफाई का ध्यान रखें
तांबे के बर्तन को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह धो लें। नींबू और नमक से इसे चमकाना एक अच्छा तरीका है जिससे बर्तन पर जमा ऑक्साइड की परत हट जाती है।

पानी को रातभर रखें
सबसे बेहतर तरीका है कि रात को सोने से पहले पानी तांबे के बर्तन में भरकर रख दें और सुबह खाली पेट इसे पिएं। रातभर में पानी में तांबे के उपयोगी तत्व घुल जाते हैं, जिससे उसका प्रभाव अधिक होता है।

छोटे बर्तन का इस्तेमाल करें
छोटा बर्तन न केवल जल्दी ठंडा होता है बल्कि इसमें तांबे के तत्व भी पानी में बेहतर घुलते हैं।

सूरज की सीधी रोशनी से बचाएं
तांबे के बर्तन को कभी सीधे धूप में न रखें, इससे पानी की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।

हमेशा ताजे पानी का उपयोग करें
गंदे या पुराने पानी का उपयोग न करें। इससे बर्तन में बैक्टीरिया पनप सकते हैं और पानी से दुर्गंध आ सकती है।