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Relationship Tips : प्यार एक ऐसी भावना है जिससे चाहकर भी कोई बच नहीं पाता। जब किसी की आंखों से नजर मिलती है, तो दिल उसके पास खिंचने लगता है। उसकी हंसी सबसे प्यारी लगती है, उसकी बातें सबसे खास लगती हैं और उसकी हर अदा पर दिल हार जाने को मन करता है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि जिसे आप पसंद करें, वह भी आपको उसी भाव से देखे। कई बार हम ऐसे लोगों की तरफ आकर्षित हो जाते हैं जो हमारे लिए सही नहीं होते। और जब दिल गलत इंसान को दे बैठता है, तो चोट गहरी होती है।

रिलेशनशिप एक्सपर्ट और मेंटल हेल्थ कोच एकता डीबी के अनुसार, ऐसे कुछ लोग होते हैं जिनके पीछे कभी नहीं भागना चाहिए। आइए समझते हैं कि वे लोग कौन हैं, और उनसे दूरी बनाना क्यों जरूरी है।

1. इमोशनली अनअवेलेबल लोगों से दूर रहें

किसी ऐसे इंसान के पीछे भागना जो इमोशनली अनअवेलेबल है, अपने ही जज्बातों के साथ धोखा करने जैसा होता है। ऐसे लोग खुद को पूरी तरह किसी रिश्ते में नहीं दे पाते। वे आपके इमोशन्स को समझने के बजाय उनसे बचते रहते हैं। शुरुआत में भले ही उनका रहस्यमयी स्वभाव आपको आकर्षित करे, लेकिन समय के साथ आप महसूस करेंगे कि आप अकेले ही रिश्ते को ढो रहे हैं।

जब कोई व्यक्ति आपको नजरअंदाज करता है, समय नहीं देता या आपकी बातों को अहमियत नहीं देता, तो इसका मतलब साफ है—वो पूरी तरह जुड़ना ही नहीं चाहता। ऐसे इंसान के साथ रिश्ता केवल मानसिक थकावट और उलझन ही लाता है।

2. इमोशनली अनअवेलेबल व्यक्ति की पहचान कैसे करें

भावनाओं की साझेदारी से बचाव: ऐसे लोग अपने दिल की बात कहना नहीं जानते या कहना नहीं चाहते।

गहरे बातचीत से कतराना: आप चाहे जितना भी उनसे जुड़ने की कोशिश करें, वे डीप बातचीत में हिस्सा नहीं लेते।

कमिटमेंट का डर: लंबे रिश्ते या भविष्य की प्लानिंग जैसे शब्द ही इन्हें असहज कर देते हैं।

रिश्ते में सतहीपन: उनके साथ रहते हुए भी आपको ऐसा लगेगा जैसे आप अकेले हैं।

फीलिंग्स पर चर्चा से बचना: अगर आप अपने दिल की बात कहें तो वे उसकी दिशा बदल देंगे, लेकिन खुद की फीलिंग्स पर कभी बात नहीं करेंगे।

इन संकेतों से आप समझ सकते हैं कि सामने वाला इमोशनली अवेलेबल नहीं है। ऐसे में खुद को बार-बार चोट पहुंचाने से अच्छा है कि आप समय रहते उस रिश्ते से बाहर निकल जाएं।

3. क्यों नहीं करना चाहिए इमोशनली अनअवेलेबल लोगों का इंतजार

प्यार एक दोतरफा रास्ता है। अगर आप ही अकेले रिश्ते को निभाने की कोशिश करते रहेंगे और दूसरा व्यक्ति खुद को पूरी तरह सामने लाने से बचता रहेगा, तो वह रिश्ता लंबे समय तक नहीं टिक सकता। रिश्ते में दोनों की भागीदारी जरूरी है। एकतरफा जज़्बातों से न तो रिश्ता गहरा हो सकता है और न ही स्थायी।

अक्सर लोग इस गलतफहमी में रहते हैं कि शायद सामने वाला बदल जाएगा या समय के साथ उसे हमारी अहमियत समझ आएगी। लेकिन सच्चाई यह है कि अगर कोई शुरुआत से ही आपके जज़्बातों को नजरअंदाज करता है, तो वो शायद कभी आपको पूरी तरह अपना नहीं पाएगा।

4. अपनी वैल्यू को पहचानिए

अगर कोई आपको अहमियत नहीं दे रहा, आपकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रहा, तो इसका सीधा मतलब है कि वो व्यक्ति आपकी वैल्यू को नहीं समझता। और जब कोई आपकी कद्र नहीं करता, तो वहां रुकने का कोई फायदा नहीं। खुद को बार-बार साबित करने की जरूरत वहां होती है जहां प्रेम अधूरा हो।

एक हेल्दी रिलेशनशिप में पार्टनर एक-दूसरे को सपोर्ट करते हैं, भावनाओं को साझा करते हैं और साथ चलने की कोशिश करते हैं। अगर सामने वाला सिर्फ आपको रोकने या बहलाने के लिए बातें कर रहा है, लेकिन जज़्बातों में हिस्सा नहीं ले रहा, तो वह रिश्ता एक छलावा बनकर रह जाता है।

5. इमोशनली अवेलेबल व्यक्ति की तलाश करें

आपको किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो न सिर्फ आपकी बातें सुने, बल्कि उन्हें समझे भी। जो आपकी भावनाओं को अपनाए और खुद की भावनाएं भी साझा करे। जिससे आप खुलकर बात कर सकें, बिना किसी डर या झिझक के। प्यार में पारदर्शिता और भावनात्मक संतुलन होना जरूरी है।