
Weight Gain in Females : आज के समय में मोटापा एक आम समस्या बन चुकी है, खासकर महिलाओं के बीच। कई बार ऐसा होता है कि बिना किसी खास वजह के वजन अचानक बढ़ने लगता है। खाने-पीने की आदतों में कोई बदलाव नहीं, फिर भी शरीर भारी होता चला जाता है। सबसे ज्यादा असर महिलाओं में 25 से 30 साल की उम्र के बीच देखने को मिलता है। इस दौरान शरीर में ऐसे परिवर्तन होते हैं जो फिटनेस को प्रभावित करते हैं और कई बार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की वजह बन जाते हैं।
अगर आप भी इस स्थिति से गुजर रही हैं और समझ नहीं पा रही हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें हम जानेंगे कि इस उम्र में वजन क्यों बढ़ता है और इससे निपटने के लिए सबसे कारगर तरीका क्या हो सकता है।
महिलाओं में अचानक वजन बढ़ने का असली कारण क्या है?
फेमस हेल्थ एक्सपर्ट और इंटरनेट पर्सनालिटी ने इस विषय पर विस्तार से बात की है। अपने एक यूट्यूब वीडियो में उन्होंने बताया कि अधिकतर महिलाएं शिकायत करती हैं कि उन्होंने अपनी डाइट में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया, लेकिन फिर भी उनके शरीर पर खासकर थाइस, बाइसेप्स और पेट के आसपास फैट जमा होने लगा है।
इसका मुख्य कारण है मसल लॉस यानी मांसपेशियों का कमजोर होना या सिकुड़ना। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, खासकर 25 की उम्र पार करने के बाद, शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। इन मांसपेशियों की जगह शरीर में फैट जमा होने लगता है। यही कारण है कि बिना खान-पान बदले भी वजन बढ़ने लगता है।
वजन कम करने के लिए जरूरी है सही एक्सरसाइज का चयन
अब सवाल ये उठता है कि अगर वजन बढ़ने का कारण मसल लॉस है, तो इसे कैसे रोका जाए या फिर बढ़े हुए वजन को कैसे घटाया जाए? डॉ. योकेश का जवाब है – वेट ट्रेनिंग।
बहुत सी महिलाएं जब वजन बढ़ने से परेशान होती हैं, तो कार्डियो या ज़ुंबा जैसे एक्सरसाइज का सहारा लेती हैं। हालांकि ये उपाय थोड़े समय के लिए असरदार हो सकते हैं, लेकिन इनका प्रभाव लंबे समय तक नहीं टिकता। असली बदलाव तब आता है जब आप अपने वर्कआउट में वेट ट्रेनिंग को शामिल करती हैं।
वेट ट्रेनिंग क्यों है जरूरी?
वेट ट्रेनिंग से न सिर्फ शरीर की मांसपेशियां दोबारा बननी शुरू होती हैं, बल्कि इससे शरीर में फैट बर्निंग की प्रक्रिया भी तेज हो जाती है। मांसपेशियां जितनी मजबूत होंगी, शरीर उतनी ही अधिक कैलोरीज बर्न करेगा—even जब आप आराम कर रही होती हैं।
वेट ट्रेनिंग का एक और फायदा ये है कि इससे महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द में भी राहत मिलती है और साथ ही PCOS जैसी बीमारियों के लक्षणों में भी 90% तक सुधार देखा गया है।
हर महिला को हफ्ते में कम से कम 3 से 4 दिन वेट ट्रेनिंग करनी चाहिए, खासकर अगर उनका वजन तेजी से बढ़ रहा है। ये न केवल आपको फिट रखेगा, बल्कि आपको अंदर से भी मजबूत बनाएगा।