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Stock Market Today : 2 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। बीते दिन की भारी गिरावट के बाद निवेशकों को कुछ राहत मिली जब बाजार ने हरे निशान में खुलकर रिकवरी के संकेत दिए। सुबह 9:35 बजे सेंसेक्स में 456.65 अंकों की बढ़त देखी गई और यह 76,481.16 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स 118.30 अंक चढ़कर 23,284.00 तक पहुंच गया।

यह रिकवरी निवेशकों के लिए राहत भरी जरूर है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह मजबूती ज्यादा देर टिकेगी नहीं। बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है और निवेशक किसी भी समय नए उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहें।

अस्थिरता के संकेत: वैश्विक कारणों से बाजार में अनिश्चितता

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा रिकवरी के बावजूद बाजार की दिशा अभी पूरी तरह साफ नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण अमेरिका की ओर से घोषित किए जाने वाले "रेसिप्रोकल टैरिफ" हैं, जिनका असर केवल भारतीय बाजार पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है। अमेरिका के इस फैसले को लेकर निवेशकों के बीच बेचैनी बनी हुई है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

मंगलवार को भारी गिरावट ने चौंकाया

1 अप्रैल यानी मंगलवार को शेयर बाजार में एक बड़ी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 1,390 अंकों की भारी गिरावट के साथ 76,024.51 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 353.65 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 23,165.70 पर बंद हुआ। यह पिछले एक महीने में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी, जिसने निवेशकों को बड़ा झटका दिया।

इस गिरावट का मुख्य कारण वही अमेरिकी टैरिफ को लेकर बना अनिश्चित माहौल रहा। वैश्विक बाजारों की नजर इस पर टिकी हुई थी कि अमेरिका आखिर किन शर्तों और नियमों के साथ टैरिफ लागू करेगा। नतीजतन, घबराए निवेशकों ने भारी मात्रा में शेयर बेच दिए और बाजार में बिकवाली का माहौल बन गया।

निवेशकों को हुआ बड़ा वित्तीय नुकसान

मंगलवार को आई इस तेज गिरावट का असर निवेशकों की संपत्ति पर साफ दिखा। एक दिन में ही निवेशकों को करीब 3.44 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर 4,09,43,588.06 करोड़ रुपये रह गया। यानी एक ही दिन में बाजार से बड़ी रकम उड़ गई।

सोमवार को ईद की छुट्टी के चलते बाजार बंद था, और शुक्रवार को भी बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि, पूरे वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें तो सेंसेक्स में 5.10% और निफ्टी में 5.34% की बढ़त दर्ज की गई थी। इसका मतलब है कि लंबे समय में बाजार ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन शॉर्ट टर्म में रिस्क अभी भी बरकरार है।

निवेशकों को बरतनी होगी सतर्कता

बाजार में अनिश्चितता के इस दौर में जानकार सलाह दे रहे हैं कि निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। जब तक अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं होती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। अगर यह फैसला भारत की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर डालता है, तो आने वाले दिनों में और गिरावट देखी जा सकती है।

हालांकि, अगर यह फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप आता है और भारत पर इसका सीधा असर नहीं पड़ता, तो बाजार में फिर से स्थिरता आ सकती है और निवेशकों को राहत मिल सकती है। इसलिए, निवेशकों को फिलहाल धैर्य और विवेक से काम लेना होगा और हर बड़ी खबर पर पैनी नजर रखनी होगी।