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Surya Grahan 2025: जब बात ब्रह्मांड की सबसे रहस्यमयी और रोमांचक घटनाओं की होती है, तो ग्रहण का नाम सबसे पहले ज़हन में आता है। आज साल का दूसरा और 2025 का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। हालांकि यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, फिर भी इसे लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह और जिज्ञासा है। आइए जानते हैं इस ग्रहण से जुड़ी हर जरूरी जानकारी — कब और कहां से देखा जा सकता है, भारत में इसका क्या प्रभाव होगा, सूतक काल लगेगा या नहीं और किन राशियों पर इसका असर हो सकता है।

सूर्य ग्रहण कब लगेगा? | Solar Eclipse Timing in India

इस सूर्य ग्रहण की शुरुआत भारत के समयानुसार दोपहर 2:20:43 बजे से होगी और इसका समापन शाम 6:13:45 बजे होगा। इस दौरान सूर्य ग्रहण अपने चरम पर यानी पीक पर शाम 4:17 बजे पहुंचेगा। हालांकि, ध्यान देने वाली बात ये है कि भारत में यह दृश्य आंखों से नहीं देखा जा सकेगा क्योंकि यह आंशिक ग्रहण देश से दिखाई ही नहीं देगा।

क्या होगा आज का ग्रहण आंशिक? | Nature of Today's Solar Eclipse

सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य की रोशनी को रोक देता है। अगर चंद्रमा सूरज को पूरी तरह ढक देता है, तो उसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं। लेकिन आज जो सूर्य ग्रहण लग रहा है, वो आंशिक है — यानी चंद्रमा केवल सूर्य के एक हिस्से को ढकेगा। देखने में ऐसा लगेगा जैसे किसी ने सूरज का एक टुकड़ा काट दिया हो।

इस तरह के दृश्य वाकई में बेहद खास होते हैं। अगर आप इसे सही जगह से देख रहे हों, तो लगेगा जैसे सूर्य के किनारे से किसी ने एक कटा हुआ हिस्सा निकाल दिया हो — बिलकुल वैसा ही जैसे कोई गोल रोटी काटी जाती है और उसका टुकड़ा अलग हो जाए।

डबल सनराइज़ का अनोखा नज़ारा | The Rare “Double Sunrise” Phenomenon

आज के ग्रहण के दौरान एक बेहद दिलचस्प नज़ारा भी देखने को मिल सकता है, जिसे 'डबल सनराइज़' यानी दो बार सूरज उगने जैसा महसूस होगा। जब चंद्रमा सूर्य का कुछ हिस्सा ढकता है, तो सूरज की रौशनी कुछ समय के लिए कम हो जाती है। फिर जैसे ही चंद्रमा थोड़ा सा हटता है, तो वह दोबारा उगते सूरज जैसा प्रतीत होता है।

यह एक ऑप्टिकल इल्यूज़न होता है लेकिन देखने में इतना रोमांचक होता है कि लगता है जैसे आसमान भी हमें कोई नाटकीय शो दिखा रहा हो। ऐसे नज़ारे हर बार नहीं मिलते और जिन्हें ये देखने को मिले, वो वाकई लकी कहलाते हैं।

क्या भारत में दिखेगा यह ग्रहण? | Visibility in India

भारत में इस सूर्य ग्रहण का समय जरूर तय है, लेकिन दुर्भाग्य से यह दृश्य यहां से दिखाई नहीं देगा। इसका कारण है कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा और सूर्य की पोजिशन ऐसी होगी कि भारत से यह घटना नहीं देखी जा सकेगी। यानी आपको अपने मोबाइल, टीवी या लैपटॉप पर ही इसका लाइव प्रसारण देखना पड़ेगा।

कहां-कहां से देखा जा सकेगा सूर्य ग्रहण? | Global Visibility of Solar Eclipse

इस बार सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से नॉर्थर्न हेमिस्फेयर के कुछ हिस्सों में दिखेगा। अफ्रीका और यूरोप के कुछ देशों में यह ग्रहण सुबह-सुबह नजर आएगा। वहीं, अमेरिका के पूर्वी हिस्सों में सूरज के उगते ही यह ग्रहण दिखेगा। अमेरिकी समयानुसार यह ग्रहण सुबह 4:50 बजे शुरू होगा और 8:43 बजे तक चलेगा, जबकि इसका पीक 6:47 बजे रहेगा।

इसके अलावा ईस्टर्न यूरोप, नॉर्थर्न एशिया और नॉर्थ कनाडा जैसे इलाकों में दोपहर से लेकर शाम तक यह आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा। न्यूफाउंडलैंड और लेबराडोर जैसे उत्तरी क्षेत्रों में तो सूर्य का लगभग 94% हिस्सा ढका हुआ दिखेगा, जो कि बहुत ही प्रभावशाली दृश्य होगा। इसके अलावा अटलांटिक और आर्कटिक महासागर के ऊपर से भी यह दृश्य दिखेगा।