
Shani Dhaiyya Effects : वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्म का कारक और न्यायप्रिय देवता माना जाता है। उन्हें 'न्याय का देवता' कहा जाता है, जो हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं—अच्छा या बुरा, जैसा भी हो। जब शनि अपनी चाल बदलते हैं और एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं, तो इसका असर सिर्फ उस एक राशि पर नहीं बल्कि बाकी राशियों पर भी गहराई से पड़ता है।
29 मार्च 2024 को शनि का मीन राशि में गोचर
इस वर्ष 29 मार्च, शनिवार को शनि देव कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। यह गोचर आने वाले ढाई साल तक रहेगा और इसकी सीधी टक्कर पांच राशियों से होगी। इनमें से कुछ पर शनि की साढ़ेसाती शुरू होगी, कुछ पर इसका मध्य या अंतिम चरण रहेगा, और दो राशियों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव दिखेगा।
आइए जानते हैं कि ये कौन-सी राशियां हैं और उन्हें किन-किन बातों का ध्यान रखना होगा।
1. सिंह राशि (Leo): शुरू होगी शनि की ढैय्या
सिंह राशि वालों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। शनि की ढैय्या शुरू हो रही है, जो जीवन के कई पहलुओं को प्रभावित कर सकती है।
- स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: चोट, बीमारी और पुराने रोग उभर सकते हैं। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है।
- विरोधियों से सावधान: शत्रुओं का हावी होना संभव है। ऑफिस या व्यवसाय में कोई आपकी छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।
- धन हानि की आशंका: निवेश सोच-समझकर करें। अनावश्यक खर्चों से बचें और आर्थिक योजना बनाकर चलें।
उपाय: नियमित रूप से शनिदेव को सरसों के तेल का दीपक अर्पित करें और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें।
2. मेष राशि (Aries): शनि की साढ़ेसाती की शुरुआत
मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो रहा है। यह वह समय है जब व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में संयम और सावधानी बरतनी चाहिए।
- कारोबार में रुकावटें: व्यापार या नौकरी में अचानक रुकावटें आ सकती हैं। मनचाहा फल न मिलने से निराशा हो सकती है।
- शारीरिक कष्ट: शनि का लोहे के पाए पर होना इस राशि वालों के लिए थकान, पीठ दर्द या जोड़ों के दर्द की वजह बन सकता है।
- आत्मविरोध: कभी-कभी खुद की सोच से ही संघर्ष की स्थिति बन सकती है, जिससे मानसिक अशांति बढ़ेगी।
उपाय: हर शनिवार को काली चीजों का दान करें, जैसे काली उड़द, तिल या कंबल। शनि चालिसा का पाठ करें।
3. धनु राशि (Sagittarius): शनि की ढैय्या का प्रभाव
धनु राशि वालों के लिए भी यह समय आसान नहीं रहने वाला। शनि की ढैय्या शुरू हो रही है, और यह मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक रूप से दबाव ला सकती है।
- मानसिक तनाव: निर्णय लेने में कठिनाई, असमंजस की स्थिति और हर काम में अनिश्चितता बनी रह सकती है।
- पारिवारिक कलह: घर-परिवार में किसी बात को लेकर विवाद या मतभेद हो सकते हैं। रिश्तों में खटास से बचें।
- धन की परेशानी: फिजूलखर्ची या गलत निर्णय से आर्थिक संकट पैदा हो सकता है। बचत पर ध्यान दें।
उपाय: शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं। ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करें।
4. मीन राशि (Pisces): साढ़ेसाती का दूसरा चरण
मीन राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण बेहद संवेदनशील होता है। यह समय मानसिक परीक्षा और कार्यों में अड़चन लेकर आता है।
- बनते काम बिगड़ सकते हैं: छोटी सी गलती बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। सावधानी से कदम उठाएं।
- मानसिक तनाव और उलझन: मन स्थिर नहीं रहेगा। हर बात को लेकर दिमाग में उथल-पुथल बनी रह सकती है।
- करियर में परेशानी: प्रोफेशनल ग्रोथ रुक सकती है या अचानक नौकरी से संबंधित संकट आ सकते हैं।
उपाय: हर शनिवार शनि मंदिर जाकर दर्शन करें। ‘शनि अष्टक’ का नियमित पाठ करें और नीले कपड़े पहनने से परहेज करें।
5. कुंभ राशि (Aquarius): साढ़ेसाती का अंतिम चरण
कुंभ राशि शनि की अपनी मूल राशि मानी जाती है, लेकिन अब यहां पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। हालांकि शुरुआती दौर में कठिनाई हो सकती है, लेकिन अंत अच्छा होगा।
- शुरुआत में संघर्ष: मानसिक दबाव, थकान और अस्थिरता रह सकती है। योजनाएं धीमी गति से चलेंगी।
- सेहत का ध्यान रखें: पुराने रोग दोबारा सिर उठा सकते हैं। नींद की कमी, सिरदर्द, ब्लड प्रेशर आदि परेशान कर सकते हैं।
- अंत में सुधार: धीरे-धीरे स्थितियां सुधरेंगी और आत्मविश्वास वापस लौटेगा। पिछले किए गए प्रयास रंग लाएंगे।
उपाय: शनिवार को काले तिल और लोहे का दान करें। शनि की आराधना के साथ हनुमानजी की पूजा करें।