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05 April 2025 Ka Panchang : 5 अप्रैल 2025 को चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है, जो शनिवार को पड़ रही है। यह दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसे महाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन को देवी महागौरी की पूजा के लिए समर्पित किया जाता है। यह तिथि 5 अप्रैल की शाम 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगी।

इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र भी विशेष भूमिका निभाता है, जो शनिवार को पूरे दिन और पूरी रात रहेगा तथा अगली सुबह यानी रविवार, 6 अप्रैल को 5 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगा। पुनर्वसु नक्षत्र शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, और यह समय किसी भी शुभ कार्य के लिए उपयुक्त माना जाता है।

इस विशेष दिन का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, और सूर्योदय व सूर्यास्त का समय जानना बहुत ज़रूरी है ताकि दिन की योजना को सही रूप से बनाया जा सके। आइए जानते हैं इस दिन की प्रमुख जानकारी विस्तार से:

05 अप्रैल 2025 का शुभ मुहूर्त

तिथि: चैत्र शुक्ल पक्ष की अष्टमी

समाप्ति समय: शाम 7 बजकर 27 मिनट तक

नक्षत्र: पुनर्वसु

नक्षत्र समाप्ति: रविवार सुबह 5 बजकर 32 मिनट

इस दिन महाष्टमी का व्रत रखा जाएगा और देवी महागौरी की विशेष पूजा की जाएगी। भक्त इस दिन कन्या पूजन भी करते हैं और विशेष अनुष्ठानों का आयोजन करते हैं।

राहुकाल का समय (स्थान अनुसार)

राहुकाल को अशुभ समय माना जाता है, इस समय में कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। शहर अनुसार राहुकाल का समय इस प्रकार है:

दिल्ली: सुबह 9:02 से 10:36 तक

मुंबई: सुबह 9:36 से 11:09 तक

चंडीगढ़: सुबह 9:17 से 10:52 तक

लखनऊ: सुबह 9:02 से 10:36 तक

भोपाल: सुबह 9:17 से 10:50 तक

कोलकाता: सुबह 8:33 से 10:06 तक

अहमदाबाद: सुबह 9:36 से 11:09 तक

चेन्नई: सुबह 9:08 से 10:40 तक

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय: सुबह 6:06 बजे

सूर्यास्त: शाम 6:41 बजे

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक क्रियाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। विशेष रूप से नवरात्र के दिनों में, इन समयों का पालन करना और उनके अनुसार पूजा करना शुभ फलदायी होता है।