
आज की डिजिटल दुनिया में सब कुछ ऑनलाइन होता जा रहा है। खासकर, हर बीतते दिन के साथ ऑनलाइन फूड डिलीवरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। ज़ोमैटो, जो भारत की अग्रणी ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी है, अब एक नए नाम के साथ आगे बढ़ रही है। कंपनी ने अपने नाम में बदलाव किया है और अब इसे इटरनल लिमिटेड कहा जाएगा।
ज़ोमैटो अब इटरनल लिमिटेड क्यों बना?
कंपनी ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि उसके बोर्ड ने ज़ोमैटो का नाम बदलकर इटरनल लिमिटेड करने की मंजूरी दे दी है। यह बदलाव स्टॉक एक्सचेंज को भी सूचित कर दिया गया है, जिससे यह अब कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त नाम बन गया है।
ज़ोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल ने इस बदलाव पर अपने शेयरधारकों को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने बताया कि ज़ोमैटो का नाम एक संयोग था। कंपनी की शुरुआत 17 साल पहले फूडीबे के नाम से हुई थी, लेकिन समय के साथ इसे ज़ोमैटो कर दिया गया। उन्होंने पत्र में लिखा कि जब कंपनी ने शुरुआत की थी, तब यह कोई मुनाफा नहीं कमा रही थी, बल्कि केवल कुछ नया करने के इरादे से आगे बढ़ रही थी।
ब्लिंकिट और नए ब्रांडिंग की जरूरत
ज़ोमैटो ने जब ब्लिंकिट का अधिग्रहण किया, तो उसे यह अहसास हुआ कि कंपनी और ब्रांड/ऐप के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए। इसी विचार के तहत इटरनल लिमिटेड की नींव रखी गई। अब यह नया नाम ज़ोमैटो, ब्लिंकिट, डिस्ट्रिक्ट और हाइपरप्योर जैसे सभी व्यवसायों की देखभाल करेगा।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह नाम परिवर्तन मुख्य रूप से स्टॉक ट्रेडिंग और आंतरिक व्यापारिक उद्देश्यों के लिए किया गया है। फिलहाल, ग्राहकों के लिए ज़ोमैटो ऐप और वेबसाइट में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। भोजन ऑर्डर करने या ऑनलाइन भुगतान करने की प्रक्रिया पहले की तरह ही बनी रहेगी।
संक्षेप में, भले ही ज़ोमैटो का नाम बदलकर इटरनल लिमिटेड हो गया हो, लेकिन ग्राहकों के लिए फ़िलहाल सब कुछ पहले जैसा ही रहेगा। आप अभी भी ज़ोमैटो के माध्यम से अपने पसंदीदा रेस्तरां से भोजन ऑर्डर कर सकते हैं।