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Kagiso Rabada big Statement viral on IPL : आईपीएल 2025 के रोमांचक मुकाबलों में जहां बल्लेबाज लगातार बड़े स्कोर बना रहे हैं, वहीं दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कागिसो रबाडा इस ट्रेंड से कुछ खास खुश नहीं हैं। गुजरात टाइटंस की ओर से खेल रहे रबाडा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि क्रिकेट में अब संतुलन खत्म होता जा रहा है। उनके मुताबिक, मौजूदा समय में खेल का स्वरूप इस हद तक बदल गया है कि इसे अब 'क्रिकेट' नहीं बल्कि 'बल्लेबाजों का खेल' कहा जाना चाहिए।

क्रिकेट नहीं, अब सिर्फ बैटिंग का खेल बन गया है

रबाडा ने कहा कि आईपीएल जैसे टूर्नामेंट्स में हाई-स्कोरिंग मैच आम हो गए हैं और इससे गेंदबाजों के लिए चुनौती बहुत ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि "खेल को आगे जरूर बढ़ना चाहिए, लेकिन यह इतना सपाट नहीं होना चाहिए कि हर बार सिर्फ रन ही बनें। इससे खेल का रोमांच कम हो जाएगा।"

उनका मानना है कि बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच संतुलन जरूरी है। एकतरफा खेल न केवल दर्शकों के लिए बोरिंग हो सकता है, बल्कि यह क्रिकेट की आत्मा को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

हाई स्कोरिंग बनाम लो स्कोरिंग मुकाबले – किसमें है असली मजा?

रबाडा ने कहा कि उन्हें रिकॉर्ड टूटने से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन हर मैच में 200-220 रन बनना खेल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, "हाई स्कोरिंग मैच अच्छे हैं, लेकिन अगर यही हर बार हो तो फिर मजा नहीं रह जाता। लो स्कोरिंग गेम्स में भी एक अलग रोमांच होता है, जब हर रन के लिए लड़ाई होती है।"

उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि जब बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, तो वही मुकाबले असली रोमांच देते हैं। ऐसे मैचों में दर्शक भी अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं।

गेंदबाजों को खुद में लानी होगी चुनौती से निपटने की क्षमता

रबाडा ने गेंदबाजों को भी सीख दी कि वे परिस्थितियों की शिकायत करने के बजाय खुद को बेहतर करें और चुनौती का सामना करें। उन्होंने कहा, "आप बैठकर सिर्फ शिकायत नहीं कर सकते। एक गेंदबाज के तौर पर आपको रणनीति बदलनी होगी और खुद को हालात के मुताबिक ढालना होगा।"

हालांकि उन्होंने साथ में यह भी जोड़ा कि खेल का संतुलन बहुत जरूरी है। अगर हर बार सिर्फ एक ही तरह के स्कोर देखने को मिलेंगे, तो दर्शकों की दिलचस्पी भी घट सकती है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट को ऐसा होना चाहिए, जहां गेंदबाज और बल्लेबाज दोनों को बराबर चुनौती मिले।

क्रिकेट का रोमांच संतुलन में ही है

रबाडा ने अंत में कहा कि क्रिकेट की असली खूबसूरती उसी में है जब खिलाड़ी हर बॉल, हर रन, और हर विकेट के लिए जूझते हैं। उन्होंने कहा, "क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहां केवल अस्तित्व नहीं, बल्कि उत्कृष्टता की बात होनी चाहिए। गेंदबाजों को विकेट लेने के लिए जान लगानी चाहिए और बल्लेबाजों को टिककर खेलना चाहिए। यही खेल का असली रोमांच है।"

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