img

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के आयोजन के साथ ही पाकिस्तान में लगभग तीन दशकों बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का बड़ा टूर्नामेंट लौटने जा रहा है। इससे पहले पाकिस्तान ने 1996 के वनडे विश्व कप की मेजबानी की थी, जो उसने भारत और श्रीलंका के साथ मिलकर आयोजित किया था। लेकिन 2009 में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हुए आतंकी हमले के बाद से कई बड़े क्रिकेट खेलने वाले देशों ने पाकिस्तान का दौरा करने से परहेज किया।

2009 का आतंकी हमला : जिसने पाकिस्तान को क्रिकेट से दूर कर दिया

3 मार्च 2009 को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम के बाहर श्रीलंकाई क्रिकेट टीम की बस पर आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया। यह घटना उस वक्त हुई जब श्रीलंकाई टीम टेस्ट मैच के तीसरे दिन के लिए होटल से स्टेडियम की ओर जा रही थी।

हमले में 12 आतंकवादी शामिल थे, जो असॉल्ट राइफलों, ग्रेनेड और रॉकेट लॉन्चरों से लैस थे। इस हमले में छह पुलिसकर्मियों और बस ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि श्रीलंकाई टीम के सात खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ के सदस्य घायल हो गए।

अगर आतंकियों के सभी हथियार सही ढंग से चलते, तो यह हमला और भी भयावह हो सकता था। श्रीलंकाई क्रिकेटर कुमार संगकारा ने अपने एक लेख में बताया था कि बस के अंदर एक गोली उस सीट पर लगी, जहां कुछ सेकंड पहले वह बैठे थे।

भारत के इनकार के बाद श्रीलंका ने किया था पाकिस्तान का दौरा

2009 में भारत को पाकिस्तान का दौरा करना था, लेकिन नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने इस दौरे को रद्द कर दिया। इसके बाद श्रीलंका ने पाकिस्तान का दौरा करने का फैसला किया, लेकिन दुर्भाग्य से यह दौरा आतंकी हमले की भेंट चढ़ गया।

इसके बाद से ही कई टीमों ने सुरक्षा चिंताओं के कारण पाकिस्तान में खेलने से मना कर दिया। इस वजह से 2018 तक पाकिस्तान ने अपने "घरेलू" मैच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में खेले।

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 : पाकिस्तान के लिए नई शुरुआत

अब, 2025 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के साथ, पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बड़े मंच पर वापसी करने जा रहा है। यह टूर्नामेंट न केवल पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के लिए, बल्कि पाकिस्तान के क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी एक ऐतिहासिक क्षण होगा।