
Devi mantra's for navratri : नवरात्रि का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह पर्व शक्ति की नौ रूपों की पूजा का अवसर होता है। आज नवरात्रि का पाँचवाँ दिन है और इस दिन मां दुर्गा के पाँचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां स्कंदमाता की आराधना करने से बुद्धि, विवेक और ज्ञान में वृद्धि होती है। धार्मिक मान्यता है कि यदि निःसंतान व्यक्ति सच्चे मन से इस दिन व्रत रखकर मां स्कंदमाता की पूजा करे, तो उन्हें संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिल सकता है।
मां स्कंदमाता की पूजा का महत्व
मां स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय की माता माना जाता है, जिन्हें स्कंद के नाम से भी जाना जाता है। उनकी पूजा से न केवल आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है, बल्कि मानसिक और पारिवारिक समस्याओं का भी समाधान मिलता है। मां अपने भक्तों को सुरक्षा, ज्ञान, और सौभाग्य प्रदान करती हैं। अगर आप किसी मानसिक तनाव, असमंजस या निर्णय न ले पाने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो स्कंदमाता की पूजा से आपको स्पष्टता और मानसिक संतुलन प्राप्त हो सकता है।
नवरात्रि में मंत्र जाप का महत्व
पूरे नवरात्रि के दौरान देवी मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र के अनुसार, नवरात्रि में एक मंत्र का जाप करने से उसकी शक्ति हजार गुना अधिक बढ़ जाती है। इसलिए, इस समय अगर आप विशेष रूप से देवी मंत्रों का जाप करते हैं, तो आपको मां दुर्गा के सभी रूपों का आशीर्वाद मिल सकता है।
मुख्य देवी मंत्र और उनके लाभ
नीचे दिए गए मंत्रों का नवरात्रि में जाप करने से विभिन्न प्रकार की समस्याओं से छुटकारा मिलता है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है:
1. लक्ष्मी प्राप्ति के लिए मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
इस मंत्र का जाप धन-लाभ, व्यापार में वृद्धि और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।
2. विपत्तियों से मुक्ति के लिए मंत्र
शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे। सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
यह मंत्र जीवन की कठिनाइयों, रोग, कर्ज और दुखों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।
3. न्यायिक मामलों से सुरक्षा के लिए मंत्र
पन्थानं सुपथा रक्षेन्मार्ग क्षेमकरी तथा। राजद्वारे महालक्ष्मीर्विजया सर्वतः स्थिता॥
इस मंत्र का प्रयोग कोर्ट-कचहरी, मुकदमेबाजी या प्रशासनिक मामलों में सफलता और न्याय की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
4. संपूर्ण बीज मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥ ॐ ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ग्लौं हूं क्लीं जूं सः ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं संलं क्षं फट् स्वाहा।
यह मंत्र मां दुर्गा के सभी रूपों की आराधना के लिए संपूर्ण और शक्तिशाली माना जाता है।
5. संक्षिप्त बीज मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
संक्षिप्त होने के बावजूद यह मंत्र अत्यंत प्रभावशाली है। इसका जाप किसी भी देवी उपासना में किया जा सकता है।
जाप से शत्रु पर विजय और शांति की प्राप्ति
अगर आप अपने जीवन में बार-बार बाधाओं का सामना कर रहे हैं, या किसी शत्रु से परेशान हैं, तो नीचे दिए गए मंत्रों का जाप करें:
6. त्रैलोक्य की बाधा निवारण हेतु
सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम्॥
7. धन, संतान और बाधा मुक्ति के लिए
सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशयः॥
अन्य प्रभावी देवी मंत्र
नवरात्रि में निम्नलिखित मंत्रों का जाप भी विशेष फलदायक होता है:
8. सर्व मंगल और रक्षा हेतु
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोस्तुते॥
9. महाकाली के शक्तिशाली मंत्र
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
10. दुर्गा के आह्वान हेतु मंत्र
ॐ गिरिजाय च विद्महे, शिवप्रियाय च धीमहि। तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥
11. कात्यायनी देवी का प्रिय मंत्र
कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नंदगोपसुतम् देवि पतिम् मे कुरुते नमः॥
12. पत्नी प्राप्ति के लिए विशेष मंत्र
पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्। तारिणी दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥
कैसे करें मंत्र जाप
समय और दिशा: जाप पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए।
माला का चयन: लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें।
आसन: पीले या लाल रंग के ऊन के आसन पर बैठकर जाप करना उत्तम माना जाता है।
हवन विधि: आप इन मंत्रों से लौंग और बतासे के साथ 7, 11, 21 या 51 आहुति भी दे सकते हैं।