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IPL 2025 : आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए चीज़ें आसान नहीं जा रही हैं। टीम दो लगातार मुकाबले हार चुकी है, और खासतौर पर लक्ष्य का पीछा करते हुए उनका प्रदर्शन कमजोर रहा है। रविवार, 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ उन्हें मात्र 6 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के बाद एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं—खासकर महेंद्र सिंह धोनी के बैटिंग ऑर्डर को लेकर।

धोनी को दुनिया का बेहतरीन फिनिशर कहा जाता है। जब बात आखिरी ओवरों में ताबड़तोड़ रन बनाने की हो, तो उनका नाम सबसे पहले लिया जाता है। लेकिन पिछले कुछ मुकाबलों में वो काफी नीचे बल्लेबाजी करने आ रहे हैं, जिससे टीम को वो फायदा नहीं मिल रहा जिसकी उम्मीद रहती है। राजस्थान के खिलाफ खेले गए ताजा मैच में भी धोनी सातवें नंबर पर उतरे। उन्होंने 11 गेंदों में 16 रन बनाए, जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल था, लेकिन उनकी यह पारी टीम को जीत की दहलीज तक नहीं ले जा सकी।

इससे पहले, 28 मार्च को आरसीबी के खिलाफ चेपॉक में खेले गए मैच में सीएसके को 17 साल बाद अपने होम ग्राउंड पर हार झेलनी पड़ी। टीम 197 रनों का पीछा कर रही थी, और इस बार धोनी 9वें नंबर पर आए। उन्होंने आखिरी ओवर में दो छक्के जड़े और 16 गेंदों में नाबाद 30 रन बनाए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। टीम को 50 रनों से हार मिली।

ऐसा नहीं है कि धोनी के पास बैटिंग की धार नहीं बची है। जब वो कप्तान थे, तो ज़रूरत के मुताबिक नंबर 3 या 4 पर बल्लेबाजी करने से भी नहीं हिचकिचाते थे। पर अब, बढ़ती उम्र के साथ उनके रोल में बदलाव आया है। वो न सिर्फ कप्तानी से हट चुके हैं, बल्कि अब ज्यादातर मौकों पर निचले क्रम में ही बल्लेबाजी करने आ रहे हैं। सवाल ये उठता है—क्या धोनी की बैटिंग पोजीशन टीम के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है?

2023 से अब तक के आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं। इस अवधि में जब भी सीएसके ने लक्ष्य का पीछा किया है, और जीत दर्ज की है, उनमें धोनी का योगदान बेहद सीमित रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रन चेज के दौरान टीम की जीत वाले तीन मुकाबलों में धोनी ने सिर्फ 3 रन बनाए हैं। इन तीन पारियों में उन्होंने कुल 9 गेंदें खेलीं। आईपीएल 2025 के पहले मैच में जब सीएसके ने मुंबई इंडियंस को हराया था, धोनी आठवें नंबर पर आए और दो गेंदों में खाता भी नहीं खोल सके।

इसके उलट जब टीम हारती है, तो धोनी लंबी पारी खेलते हैं। 2023 से अब तक रन चेज में हारी गई मैचों की छह पारियों में उन्होंने 84 गेंदों में 166 रन बनाए हैं, जिसमें 13 चौके और 13 छक्के शामिल हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि धोनी के स्ट्राइक रेट और पावर हिटिंग में कोई कमी नहीं आई है, लेकिन जब वो मैदान में आते हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। यही वजह है कि उनकी बेहतरीन पारियां भी टीम को जीत नहीं दिला पा रही हैं।

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में सीएसके ने पांच बार आईपीएल का खिताब जीता है। उनकी लीडरशिप और बैटिंग स्किल को कोई नकार नहीं सकता। मगर अब जब वो कप्तानी नहीं कर रहे हैं, और नीचे बल्लेबाजी कर रहे हैं, तो सवाल लाज़मी हैं—क्या टीम को उन्हें ऊपर भेजने की ज़रूरत है? क्या एक सच्चे फिनिशर को समय से पहले बल्लेबाजी में नहीं आना चाहिए, ताकि वो अपना असर डाल सकें?