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Champions Trophy 2025 : रविवार रात चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का शानदार समापन हुआ, जहां भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। यह जीत भारत के लिए बेहद खास रही, क्योंकि पिछले तीन मौकों पर फाइनल तक पहुंचने के बावजूद, यह दूसरी बार था जब भारत ने ट्रॉफी अपने नाम की। कुल मिलाकर, भारत ने तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी का ताज पहना।

क्रिकेट के किसी भी बड़े टूर्नामेंट में गेंदबाजों का प्रदर्शन जीत की राह तय करता है, और इस बार भी कई गेंदबाजों ने अपनी टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। आइए नजर डालते हैं चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के चार सबसे सफल गेंदबाजों पर, जिन्होंने अपनी घातक गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान किया।

1. मिशेल सैंटनर (न्यूजीलैंड)

न्यूजीलैंड टीम के कप्तान और प्रमुख स्पिनर मिशेल सैंटनर ने अपनी शानदार गेंदबाजी से टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में पांच मैच खेले और हर मैच में अपने 10 ओवरों का कोटा पूरा करते हुए कुल 9 विकेट झटके।

सेमीफाइनल का जलवा: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल में सैंटनर का प्रदर्शन यादगार रहा। उन्होंने मध्य ओवरों में अपनी फिरकी से विपक्षी बल्लेबाजों को जमने का मौका नहीं दिया और मैच का रुख बदल दिया।

फाइनल में प्रभाव: हालांकि फाइनल मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें ज्यादा सफलता नहीं दी, फिर भी उन्होंने अपनी सटीक गेंदबाजी से रन गति पर अंकुश लगाने में सफलता पाई।

2. मोहम्मद शमी (भारत)

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का प्रदर्शन भी काबिल-ए-तारीफ रहा। शमी ने पांच मैचों में 41.2 ओवर गेंदबाजी कर 9 विकेट अपने नाम किए।

बांग्लादेश के खिलाफ धमाकेदार शुरुआत: टूर्नामेंट के पहले ही मैच में शमी ने बांग्लादेश के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया और अपनी गेंदबाजी से विरोधी बल्लेबाजों को परेशान किया।

पाकिस्तान के खिलाफ धीमी शुरुआत: हालांकि पाकिस्तान के खिलाफ अगले मैच में वह अपनी लय में नजर नहीं आए, लेकिन बाद के मुकाबलों में उन्होंने बेहतरीन वापसी की और भारत की जीत में योगदान दिया।

महत्वपूर्ण विकेट: शमी की तेज और स्विंग होती गेंदों ने बल्लेबाजों को सोचने पर मजबूर कर दिया, जिससे वह इस टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल हुए।

3. वरुण चक्रवर्ती (भारत)

भारत के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को लीग चरण के शुरुआती दो मुकाबलों में मौका नहीं मिला, लेकिन जैसे ही उन्हें टीम में शामिल किया गया, उन्होंने अपनी फिरकी का जादू दिखाया। वरुण ने सिर्फ तीन मैचों में 9 विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।

न्यूजीलैंड के खिलाफ धमाकेदार एंट्री: लीग चरण के आखिरी मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ जब उन्हें मौका दिया गया, तो उन्होंने कमाल कर दिया और शानदार गेंदबाजी से टीम को जीत दिलाई।

सेमीफाइनल में असरदार प्रदर्शन: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में भी वरुण का प्रदर्शन शानदार रहा, जहां उन्होंने 2 महत्वपूर्ण विकेट झटके और विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोका।

फाइनल में भी चमके: फाइनल मुकाबले में भी वरुण ने 2 विकेट लिए और भारत की जीत में अहम योगदान दिया। उनकी गुगली और टर्न लेती गेंदों ने विरोधी बल्लेबाजों को खूब परेशान किया।

4. मैट हेनरी (न्यूजीलैंड)

न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उन्होंने चार मैचों में 31.2 ओवर की गेंदबाजी करते हुए 10 विकेट लिए।

घातक स्पेल: हेनरी ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी तेज और स्विंग होती गेंदों से बल्लेबाजों को खासा परेशान किया।

दुर्भाग्यपूर्ण चोट: हालांकि, वह चोटिल होने के कारण फाइनल मुकाबले में नहीं खेल पाए, जो न्यूजीलैंड के लिए एक बड़ा झटका था।

पांच विकेट लेने वाले गिने-चुने गेंदबाजों में शामिल: इस टूर्नामेंट में केवल चार गेंदबाज ही पांच विकेट लेने में सफल रहे, और हेनरी उनमें से एक थे।